जागो इंसान जागो

देखु मैं आज जिधरभी

लाशें है बिछी। …

सच बताओ दोस्तों

क्या भगवान इसी वास्ते है दुनिया रची !

खून से होली खेलते है लोग,

गोलीसे करते है प्यार ।

फायदा ना किसीका हुआ है ना होगा

बस लूट जाता है घर-बार ।

ना सच्चाईसे  प्यार !

पैसा ही भगवान, धरम, ईमान !

कुल के नामपे प्यारके कटे गले !

क्या यही तेरी आन बाण शान ?

पापका गंगा बहे देखो !

इज़्ज़त हो रही है नीलाम !

करके सैकड़ो गुनाह

देखो सब चले चारो धाम !

पर इतनीसी बात ना तेरी समझमें आई

ऐ मिटटीके इंसान !

मिलती है बरी मुश्कीलसे

ना गवायो यह बहुमूल्लो जान !

धरती रोती है

रोता है आसमान

अरे छोरो सारी नफरत

बनाओ प्यारका जहान ।